राजकीय खाद्य प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी संस्थान

संस्थान का नाम एवं पता-

राजकीय खाद्य प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी संस्थान, लखनऊ
18-बी, अशोक मार्ग, लखनऊ-226001(उ0प्र0)
ई-मेल :- jdsifpt18b@gmail.com
फोन न0 :- 0052-22200991
वेबसाइट :- www.sifptup.in
ऍम 0  एससी (फ़ूड टेक्नोलोजी )   पाठ्यक्रम  2017-2018 :  Click Here to Download

प्रस्तावना-

राजकीय खाद्य प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी संस्थान, लखनऊ (पूर्व-राजकीय फल संरक्षण एवं डिब्बा बन्दी संस्थान, लखनऊ) गत 67 वर्षो से फल एवं सब्जी प्रसंस्करण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दे रहा है। इस संस्थान की स्थापना वर्ष 1949 में लखनऊ में लघु एवं कुटीर उद्योग निदेशालय के अन्तर्गत ’’राजकीय फल संरक्षण एवं डिब्बा बन्दी संस्थान’’ के नाम से स्थापित हुई। वर्ष 1953 में, कृषि निदेशालय एवं लघु एवं कुटीर उद्योग विभाग के अंश को मिलाकर ’’फल उपयोग निदेशालय/फल उपयोग विभाग’’ की स्थापना की गयी और इस संस्थान को इसके परिक्षेत्र में कर दिया गया। फल एवं सब्जी प्रसंस्करण उद्योगों के विकास हेतु प्रशिक्षित मानव श्रम की आवश्यकता को देखते हुए राज्य सरकार ने इस संस्थान में वर्ष 1958 से ’’पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन फ्रूट एण्ड वेजीटेबिल टेक्नोलोजी’’ कोर्स 15 माह अवधि का प्रारम्भ किया गया। इस रोजगार परक कोर्स ने न केवल प्रदेश के अपितु दूसरे प्रदेश के छात्रों को भी आकर्षित किया। वर्ष 1974 में, सम्पूर्ण प्रदेश के औद्यानिक विकास और विभिन्न औद्यानिक फसलों के प्रसंस्करण की आवश्यकता के दृष्टिगत रखते हुए प्रदेश सरकार द्वारा पृथक ’’उद्यान एवं फल उपयोग विभाग / निदेशालय’’ सृजित किया गया।

वर्ष 1984-85 में, इस प्रशिक्षण कोर्स की महत्ता को दृष्टिगत रखते हुए देश एवं प्रदेश के खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को प्रशिक्षित तकनीशियन उपलब्ध कराने स्वरोजगार को बढ़ावा देने एवं खाद्य प्रसंस्करण आधारित नये उद्योगों की स्थापना हेतु संचालित पाठयक्रम को परास्नातक के समकक्ष करते हुए जनवरी, 1985 में ’’दो वर्षीय पी.जी. एसोसिएटशिप कोर्स इन फ्रूट एण्ड वेजीटेबिल टेक्नोलोजी’’ में उच्चीकरण किया गया।

वर्ष 2001-02 में उ0प्र0 शासन ने संस्थान द्वारा खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में दिये जा रहे योगदान तथा इसकी उपयोगिता को देखते हुए इसका नाम परिवर्तित कर ’’राजकीय खाद्य प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी संस्थान’’ कर दिया गया। प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में योग्य मानव संसाधन विकास हेतु बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय झाँसी से मान्यता प्राप्त कर वर्ष 2015-16 से इस संस्थान में एम0एससी0 (खाद्य प्रौद्योगिकी) पाठयक्रम संचालित किया जा रहा है।

उद्देश्य-

राजकीय खाद्य प्रसंस्करण प्रौद्योगिकी संस्थान, लखनऊ की स्थापना निम्न उद्देश्यों की पूर्ति के लिए की गई-

  • प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की स्थापना एवं स्थापित उद्योगों क्षमता में वृद्धि हेतु सहयोग प्रदान करना।
  • खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के तीव्र विकास हेतु पोस्ट हार्वेस्ट एवं प्रसंस्करण समस्याओं पर शोध करना।
  • खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को पर्यवेक्षणीय एवं प्रबन्धन स्तर के प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध कराते हुए सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्रों हेतु अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करना।
  • गृहणियों, फल एवं सब्जी उत्पादकों एवं अन्य को स्थानीय उत्पादों के उपयोग एवं उनके भोज्य प्रवृत्ति में परिवर्तन करने हेतु उन्हें प्रशिक्षण प्रदान करना।
  • उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा तथा उपयोग हेतु प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों के गुणवत्ता एवं पोषकता पर ध्यान देना।

संचालित कोर्स-

एम0एससी0 (खाद्य प्रौद्योगिकी) - (2 वर्षीय पाठ्यक्रम-4 सेमेस्टर)

सम्बद्धता-

बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, झांसी

शैक्षणिक अर्हता-

न्यूनतम 45 प्रतिशत अंकों के साथ किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से बी0एस0सी0 जीव विज्ञान / गणित / बी0एस0सी0 कृषि / बी0एस0सी0 सूक्ष्म जीवविज्ञान / बी0एस0सी0 जैव रसायन / डेरी टेक्नोलॉजी / बी0एस0सी0 होम साइंस / बी0एस0सी0 फूड साइंस एण्ड टेक्नोलॉजी।

आरक्षण एवं छूट - उ0प्र0 सरकार के नियमों के अनुसार।

आवेदन की प्रक्रिया-

बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, झांसी की वेबसाइट www.bujhansi.org, www.bujhansi.ac पर आनलाइन आवेदन किया जायेगा। विश्वविद्यालय द्वारा प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी। उपयुक्त अभ्यर्थी की काउंसलिंग के उपरान्त प्रवेश दिया जायेगा।

संस्थान में सीटों की संख्या-

संस्थान में सीटों की संख्या - 30

वार्षिक शुल्क-

  • पाठ्यक्रम शुल्क रू० 28500.00 वार्षिक
  • छात्रावास शुल्क रू० 14000.00 वार्षिक जिसमें रू० 2000.00 सिक्योरिटी मनी सम्मल्लित है, जो समान्य परिस्थितियों में वापस की जायेगी।

संस्थान में उपलब्ध संसाधन-

संस्थान के अन्तर्गत खाद्य प्रौद्योगिकी, माइक्रोबायोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, फिजियोलॉजी, कैमिस्ट्री, फूड इंजीनियरिंग एवं पैकेजिंग, फूड टेक्नोलोजी एवं प्रशिक्षण सम्बन्धी योग्य विशेषज्ञ उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त विषयों के लिए गेस्ट फैकल्टी द्वारा पठन-पाठन कार्य चलाया जा रहा है। संस्थान के पास आवश्यक इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे-पुस्तकालय, प्रयोगशाला, छात्रावास आदि की सुविधा उपलब्ध है।