राजकीय सामुदायिक फल संरक्षण केन्द्रों के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण की योजना (राज्य सेक्टर)

योजना का नाम :-

राजकीय सामुदायिक फल संरक्षण केन्द्रों के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण की योजना (राज्य सेक्टर)

योजना का उद्देश्य :-

राजकीय फल संरक्षण केन्द्रों पर आधुनिक खाद्य प्रसंस्करण सुविधाएं-मशीन साज सज्जा उपलब्ध करा कर प्रशिक्षार्थियों को व्यवसायिक खाद्य प्रसंस्करण की सुविधा उपलब्ध कराना है।

योजना का कार्यान्वयन :-

केन्द्रों के सुदृढ़ीकरण हेतु चयन जनपदीय कार्यालयों से प्राप्त सुसंगत प्रस्ताव के आधार पर किया जायेगा। चयन के समय राजकीय भवनों में संचालित फल संरक्षण केन्द्रों को वरीयता दी जायेगी। किराये के जिन भवनों में मशीन साज-सज्जा हेतु पर्याप्त स्थान हो, उन्हीं को चयनित किया जायेगा। योजनान्तर्गत किसी ऐसी मशीन का क्रय किया जाना प्रतिबन्धित होगा, जो कि पूर्व से केन्द्र पर उपलब्ध हो। मशीनों के क्रय सम्बन्धी प्रस्ताव निदेशालय प्रेषित करते समय मशीन क्रय के प्रस्ताव का औचित्य, केन्द्र पर मशीन की उपयोगिता तथा आवश्यकता को सम्बन्धित केन्द्र प्रभारी तथा नियंत्रक अधिकारी द्वारा प्रमाणित करना एवं सिद्ध करना अनिवार्य होगा। इस हेतु कार्यक्रमों को 2017-18 में उपलब्ध बजट के अनुरूप कार्यालय फर्नीचर एवं उपकरण व अनुरक्षण मद में मण्डल स्तर पर व्यय किया जायेगा।

कार्यालय फर्नीचर एवं उपकरण :-

इसके अन्तर्गत कार्यालय को सुचारू रूप से संचालित करने हेतु आवश्यक मशीन, कार्यालय उपकरण जैसे-फोटो कॉपियर, फैक्स मशीन, फर्नीचर आदि तथा एफ0डी0ए0 मानकों के अनुसार केन्द्र को सुसज्जित करने एवं अपरिहार्य रूप से होने वाले व्ययों का भुगतान किया जाएगा। क्रय किये गये उपकरणों पर क्रय वर्ष एवं स्टॉक इन्ट्री नम्बर सम्बन्धित मशीन, उपकरण आदि पर अंकित किया जायेगा।

अनुरक्षण :-

इसके अंतर्गत केन्द्र के मरम्मत कार्य यथा छत, फर्श, दिवाल, दरवाजे, खिडकियों, शिशे, फर्नीचर, मशीन मरम्मत, दिवारों पर टाईल्स, जल आपूर्ति एवं शौचालय की मरम्मत आदि का कार्य पर होनें वाले व्यय का भुगतान किया जाएगा।

आयोजनागत पक्ष में खाद्य प्रसंस्करण हेतु राजकीय सामुदायिक फल संरक्षण केन्द्रों के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण की मद में व्यय की जायेगी। अवमुक्त धनराशि को किसी ऐसे मद पर कदापि व्यय न किया जाए जिसके लिए वित्तीय हस्तपुस्तिका तथा शासन /सक्षम अधिकारी की पूर्व स्वीकृति एवं सहमति आवश्यक है। अर्थात जिन मदों में व्यय के पूर्व शासन की अनुमति आवश्यक है उनमें धनराशि व्यय करने के पूर्व अनिवार्य रूप से शासन का अनुमोदन प्राप्त किया जायेगा।

कार्यक्रम हेतु निर्धारित धनराशि से किसी भी दशा में अधिक व्यय न किया जाय तथा समस्त व्यय संबंधित शासनादेश/संगत नियमों/दिशा निर्देश में उल्लिखित शर्तो/प्रतिबन्धों के अधीन किया जाए तथा व्यय में मितव्ययता बरती जाय व व्यय में किसी प्रकार की अनियमितता के लिए सम्बन्धित कार्यालयाध्यक्ष, आहरण एवं वितरण अधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार हांगे।