खाद्य प्रसंस्करण विभाग में ई-गवर्नेस लागू करना तथा डाटाबेस सृदृढ़ीकरण

योजना का नाम :-

खाद्य प्रसंस्करण विभाग में ई-गवर्नेस लागू करना तथा डाटाबेस सृदृढ़ीकरण।

योजना का उद्देश्य :-

खाद्य प्रसंस्करण के सम्बन्ध में सर्व साधारण को आवश्यक जानकारी/सूचनाएं/योजनाएं सुलभ कराने हेतु विभागीय वेबसाइट के माध्यम से उपलब्ध कराने, आवश्यक डाटाबेस का संकलन व आन लाइन करने, सम्बन्धित संस्थाओं, एजेन्सियों के लिंकेज ई-मेल, इन्टरनेट के माध्यम से सूचनाओं का आदान-प्रदान कराने हेतु प्रदेश के जनपदों में योजनान्तर्गत कम्प्यूटर आदि सुविधा उपलब्ध कराया जाना है।

योजना का क्रिर्यान्वयन :-

जनपद स्थित केन्द्रों को मण्डलीय कार्यालयों तथा निदेशालय से जोड़ने तथा वेबसाइट पर विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी सर्व साधारण को उपलब्ध कराने हेतु निदेशालय स्तर पर गणित आई0टी0 सेल के माध्यम से सूचनाओं को अपलोड कराया जायेगा। सूचनाओं के संकलन तथा उन्हें ऑनलाइन करने हेतु समस्त फल संरक्षण केन्द्रों/खाद्य विज्ञान केन्द्रों/निदेशालय को कम्प्यूटर, इंटरनेट, सर्वर इत्यादि की व्यवस्था की जायेगी। इस योजनान्तर्गत उपलब्ध बजट के अनुसार 12- कार्यालय फर्नीचर और उपकरण, 42- अन्य, 46- कम्प्यूटर हार्डवेयर / सॉफ्टवेयर क्रय एवं 47- कम्प्यूटर अनुरक्षण / तत्सम्बन्धि स्टेशनरी का क्रय मण्डल स्तर पर व्यय किया जायेगा।

12-कार्यालय फर्नीचर और उपकरण :-

इसके अंतर्गत कार्यालय फर्नीचर के अतिरिक्त कार्यालय मशीनें जैसे- फोटो कॉपियर, फैक्स मशीन व अन्य आवश्यक उपकरण सम्मिलित होंगे।

42-अन्य व्यय :-

इस मद के अंतर्गत कर्मचारियों को प्रशिक्षण तथा संविदा पर रखे कम्प्यूटर ऑपरेटरों का भुगतान किया जायेगा।

46-कम्प्यूटर हार्डवेयर / साफ्ट वेयर क्रय :-

इस मद के अन्तर्गत कम्प्यूटर हार्डवेयर/साफ्ट वेयर क्रय का भुगतान किया जायेगा।

47-कम्प्यूटर अनुरक्षण / तत्सम्बन्धी स्टेशनरी का क्रय :-

इसके अन्तर्गत कम्प्यूटर से सम्बन्धित सभी प्रकार की व्यय अनुमन्य होगें।

        आयोजनागत पक्ष में खाद्य प्रसंस्करण में ई-गर्वनेंस प्लान के अंतर्गत कम्प्यूटरीकरण की मद में व्यय की जायेगी। अवमुक्त धनराशि को किसी ऐसी मद पर कदापि व्यय नहीं किया जाए जिसके लिए वित्तीय हस्तपुस्तिका तथा शासन /सक्षम अधिकारी की पूर्व स्वीकृति एवं सहमति आवश्यक है। अर्थात जिन मदों में व्यय के पूर्व शासन की अनुमति आवश्यक है उनमें धनराशि व्यय करने के पूर्व अनिवार्य रुप से शासन का अनुमोदन प्राप्त किया जायेगा।

अवमुक्त धनराशि से किसी भी दशा में अधिक व्यय नहीं किया जाय तथा समस्त व्यय संबंधित शासनादेश/संगत नियमों/दिशा निर्देश में उल्लिखित शर्तों/ प्रतिबन्धों के अधीन किया जाए तथा व्यय में मितब्ययता बरती जाय व व्यय में किसी प्रकार की अनियमितता के लिए आहरण एवं वितरण अधिकारी व्यक्तिगत रुप से जिम्मेदार होंगे।