गुणवत्ता नियंत्रण एवं हाईजीन संबंधी जागरुकता प्रशिक्षण की योजना

योजना का नाम :

गुणवत्ता नियंत्रण एवं हाईजीन संबंधी जागरुकता प्रशिक्षण की योजना।

परिचय:

इस योजना के तहत गुड हाईजीन प्रेक्टिस (जी.एच.पी), गुड मेन्युफैक्चरिंग प्रेक्टिस (जी.एम.पी), हैजार्ड़ एनालिसिस एण्ड क्रिटिकल कंट्रोल प्वाइंट (एच.ए.सी.सी.पी) एवं हाईजीन, स्वच्छता एवं साफ-सफाई हेतु ढाबा, रेस्टोरेंट एवं खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों में खाद्य उत्पादों के उत्पादन हेतु कार्यरत कुशल एवं अकुशल कर्मियों को जागरुक करना है, जिसके परिणाम स्वरूप लोगों तक स्वच्छ एवं हाईजीन खाद्य उत्पाद उपलब्ध हो सकेंगे। ऐसे कार्यक्रम ऐसी जगहों पर आयोजित किये जाएंगे जहां न्यूनतम 50 लोगों के बैठने की जगह हो। जिनमें विद्यालय, सार्वजनिक स्थान, सामुदायिक केंद्र आदि शामिल हैं।

योजना का उद्देश्य:

खाद्य पदार्थों के निर्माण में लगे व्यक्तियों जैसे ढाबा रेस्टोरेंट, खाद्य प्रसंस्करण इकाईयों में कार्यरत कुशल, अकुशल श्रमिकों को गुड हाईजीन प्रैक्टिसेज, गुड मैन्यूफैक्चरिंग प्रेक्टिसेज, हैजार्ड़ एनालिसिस एण्ड क्रिटिकल कन्ट्रोल प्वाइन्ट,पर्सनल हाईजीन, सेनीटेशन तथा खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता नियंत्रण से सम्बन्धित प्रशिक्षण, चिकित्सकों एवं खाद्य प्रसंस्करण के विशेषज्ञों द्वारा दिला कर उन्हें स्वच्छ एवं गुणवत्तायुक्त खाद्य पदार्थों को तैयार किये जाने हेतु प्रेरित किया जाना है।

योजना का कार्य क्षेत्र:

उत्तर प्रदेश के समस्त जिले।

पात्रता मापदंड:

समस्त पुरुष एवं महिलाएं योग्य होंगे।

चयन प्रक्रिया:

प्रचलित अखबारों में विज्ञापन/बैनरपोस्टर आदि के द्वारा कार्यक्रम की जानकारी प्रकाशित की जाएगी एवं  संबंधित प्राचार्यखाद्य प्रसंस्करण अधिकारीफल संरक्षण अधिकारी द्वारा ही 50 प्रशिक्षुओं का चयन होगा।

प्रशिक्षण की अवधि :

दो दिवसीय (रोज पांच घंटे)

प्रशिक्षण शुल्क:

मुफ्त

आवधिक प्रगति:

इस योजना के तहत 2017-18 में कुल 96 कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है, जिसमें कुल 4800 प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया जाना है।