राष्ट्रीय खाद्य प्रसंस्करण मिशन

योजना का नाम :-

राष्ट्रीय खाद्य प्रसंस्करण मिशन

प्रस्तावना :-

देश में खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकताएँ में है। उत्तर प्रदेश खाद्यान्न, गन्ना, आलू पशुधन तथा दुग्ध उत्पादन में देश में प्रथम स्थान रखता है। प्रदेश में कच्चे माल की उपलब्धता को दृष्टिगत रखते हुए खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की स्थापना की सम्भावनायें विद्यमान हैं। इन उद्योगों की स्थापना से जहॉ एक ओर किसानों के उत्पादों का प्रसंस्करण के माध्यम से मूल्य संवर्धन होगा वहीं इससे प्रदेश में रोजगार के अवसर सृजित होंगे। प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण सेक्टर की सम्भावनाओं को देखते हुए खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की स्थापना पर वित्तीय सहायता प्रदान करने हेतु "राष्ट्रीय खाद्य प्रसंस्करण मिशन" योजना क्रियान्वित की गई।है।

योजना का उद्देश्य :-

इस योजना का उद्देश्य निम्नवत है:-

  1. खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की स्थापना/उच्चीकरण/ आद्युनिकीकरण के माध्यम से तुड़ाई उपरान्त क्रियाओं को प्रोत्साहित करना।
  2. प्रक्षेत्र स्तर पर विशेष रूप से लघु एवं सीमान्त कृषकों के उपलब्ध कच्चे माल का उपयोग कर उनको अधिक आय उपलब्ध कराना।
  3. पूजी संविलयन, तकनीकी हस्तानान्तरण, उच्चीकरण आदि सहायता के दौरान खाद्य प्रसंस्कर्ताओं की क्षमता में अभिवृद्वि करना।
  4. खाद्य प्रसंस्करण सेक्टर में स्थापित एवं कार्यरत स्वयं सहायता समूहों/कृषक सहायता समूहों की सहायता कर उन्हें सूक्ष्म एवं लघु उद्यमी का स्तर प्राप्त करने में सहायता प्रदान करना।
  5. टिकाऊ रोजगार सम्भावनाओं को सुनिश्चित करने के लिये संस्थागत प्रशिक्षण के माध्यम से क्षमता विकास एवं दक्षता में अभिवृद्वि करना साथ ही खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में दक्ष मानव श्रम की आवश्यकता और उपलब्धता के अन्तर को कम करना।
  6. भारतीय खाद्य सुरक्षा मानक प्राधिकरण के मानकों के अनुसार फूड सेफ्टी एवं हाइजीन का स्तर बढ़ाना।
  7. खाद्य प्रसंस्करण इकाईयों को एच0ए0सी0सी0पी0 एवं आई0एस0ओ0 प्रमाणीकरण के मानकों को अपनाने हेतु सुविधायें प्रदान करना।
  8. फार्म गेट अवसंरचना, सप्लाई चेन, स्टोरेज एवं प्रसंस्करण क्षमता को बढ़ाना।
  9. खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को संगठित करने हेतु सहायता प्रदान करना।

योजना का कार्य क्षेत्र :-

सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश

प्रदत्त सुविधायें :-

इस योजना के अन्तर्गत प्रदेश में निम्न क्षेत्रों के अन्तर्गत प्रसंस्करण उद्योगों की स्थापना पर सहायता दिये जाने हेतु राज्य स्तरीय इम्पावर्ड सब-कमेटी द्वारा वित्तीय सहायता दिये जाने का निर्णय लिया गया।

क्र0सं0 चयनित कार्यक्रम राज्य सहायता (%) अधिकतम धनराशि
1 प्रौद्योगिकी उन्नयन/स्थापना/आधुनिकीकरण/विस्तार 25 रू0 50 लाख
2 कोल्ड चेन एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर 35 रू0 5 करोड + 6% ब्याज उपादान 5 वर्ष तक अधिकतम रू0 2 करोड़

फ‍ण्डिंग पैटर्न :-

इस योजना के अन्तर्गत राज्य स्तरीय इम्पावर्ड सब-कमेटी द्वारा उपरोक्त कार्यक्रमों को प्राथमिकता प्रदान करते हुए 51 संस्थाओं/इकाईयों के प्रस्ताव स्वीकृत किये गये। यह योजना भारत सरकार स्तर से 75% केन्द्रॉश की सहायता प्राप्त कर क्रियान्वित की गई खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय भारत सरकार के पत्रांक एम0एफ0पी0आई0 / एन0एम0एफ0पी0आई0 / बजट-2012-17 दिनांक 27.03.2015 द्वारा योजना दिनांक 01.04.2015 से डी-लिंक कर दी गई।

    इस योजना के डी-लिंक हो जाने के फलस्वरूप देय अवशेष अनुदान की धनराशि का शत प्रतिशत वित्त पोषण राज्य सरकार ने करते हुए वर्ष 2015-16 के अवशेष दायित्वों का भुगतान किया गया।

    राज्य स्तरीय इम्पावर्ड सब-कमेटी द्वारा स्वीकृत कुल 51 संस्थाओं / इकाईयों को भुगतान की गई अनुदान की धनराशि का विवरण संलग्न है-: