आलू विकास नीति 2014

आलू विकास नीति-2014 के अन्तर्गत संचालित कार्यक्रमः-

1 1.1 उद्देश्यः- आलू किसानों को उनके उत्‍पाद का उचित मूल्‍य दिलाने के लिए आलू की खेती के समग्र विकास हेतु नीति निर्धारण करते हुए बीज उत्‍पादन से लेकर प्रसंस्‍करण एवं निर्यात तक के समस्‍त कार्यकलापों को नियोजित ढंग से सम्‍पादित किये जाने की आवश्‍यकता को दृष्टिगत रखते हुए उ0प्र0 आलू विकास नीति.2014 के अन्‍तर्गत निम्‍नलिखित उद्देश्‍यों की प्राप्ति किया जाना है:-
  • आलू की खेती के लिए गुणवत्‍तायुक्‍त बीज उत्‍पादन कराना।
  • आलू के गुणवत्‍तायुक्‍त उत्‍पादन को प्रोत्‍साहित करना।
  • आलू की खेती की आधुनिक तकनीकों को बढावा देना।
  • प्रदेश में बीज एवं खाने के आलू का समुचित भण्‍डारण सुनिश्चित कराना।
  • प्रदेश से बाहर आलू के विपणन/निर्यात हेतु बाजार विकास को प्रोत्‍साहित करना।
  • आलू आधारित प्रसंस्‍करण उद्योगों की स्‍थापना को प्रोत्‍साहित करना।
  • उत्‍पादन की वैज्ञानिक विधियों को कृ‍षकों तक पहुंचाने के लिए तकनीकी हस्‍तान्‍तरण एवं दक्षता विकास।
     
1.2 उत्तर प्रदेश में कृषक प्रक्षेत्रों पर आलू की प्रसंस्कृत प्रजातियों को प्रोत्साहित करने का कार्यक्रम- कृषक प्रक्षेत्रों पर प्रमाणित आलू बीज का उत्पादन
1.3 आच्दादित जनपद- मुजफ्फरनगर, मेरठ, बुलन्दशहर, हापुड़, अलीगढ़, हाथरस, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपरी, बरेली, बदायूं, कन्नौज, इटावा, कानपुर नगर, कौशाम्बी, लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली एवं बाराबंकी।
1.4 अनुमन्य अनुदान- रु0 10,000/- प्रति हैक्टेयर की दर से राज्य सहायता का भुगतान किसान के खाते में डायरेक्ट बेनीफिट ट्रान्सफर (डी.बी.टी.) द्वारा स्थानान्तरित किया जायेगा।
1.5 आवेदन की पात्रता शर्तें
  • किसान के पास अपनी निजी भूमि होनी चाहिए।
  • किसान के पास सिंचाई के समुचित साधन होना चाहिए।
  • किसान आलू बीज उत्पादन एवं उसके प्रमाणीकरण में रूचि रखता हो।
  • किसानों को प्रसंस्कृत प्रजाति का उद्यान विभाग अथवा किसी अन्य संस्थान से आधारिय/प्रमाणित बीज प्राप्त करना होगा, जिसकी रसीद जिला उद्यान अधिकारी को प्रस्तुत करनी होगा।
  • कृषक को उ0प्र0 राज्य बीज प्रमाणीकरण संस्था में पंजीकरण कराकर फसल के निरीक्षण/परीक्षण उपरान्त उत्पादित आलू बीज की टैगिंग कराना अनिवार्य होगा। तत्पश्चात बीज प्रमाणीकरण संस्था की रिपोर्ट के आधार पर कृषक के खाते में भुगतान किया जायेगा।
1.6 अनुमन्य क्षेत्रफल- कृषक समूह का गठन करके एक वर्ग किमी0 में कम से कम 05 हैक्टेयर क्षेत्रफल क्लस्टर में प्रत्येक कृषक की भूमि एक ही खाते में होना अनिवार्य है।
  • समूह के प्रति कृषक को कम से कम 1/2 हैक्टेयर की सीमा तक अनुदान दिये जाने का प्राविधान है।
1.7 आवेदन कैसे करें-
  • योजना के अन्तर्गत किसानों को सम्बन्धित जिला उद्यान अधिकारी के कार्यालय में विभागीय बेवसाईट पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।
  • इच्छुक कृषक को योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए www.upagriculture.com पर ऑनलाईन पंजीकरण कराना होगा। इस हेतु कृषक साइबर कैफे, जन सुविधा केन्द्र, कृषक लोकवाणी संस्था स्वयं के संसाधन से आन लाइन पंजीकरण करा सकते हैं।
1.8 योजना के मार्ग निर्देश-
  • निजी क्षेत्र की आलू बीज उत्‍पादक संस्‍थाओं को आलू बीज उत्‍पादन के लिए प्रोत्‍साहित किया जायेगा।
  • आलू बीज उत्‍पादक कृषक समूहों एवं प्रगतिशील कृषकों को उपलब्‍ध कराये गए आलू के आधारित प्रथम बीज के बाद अग्रिम श्रेणियों- आधारित द्वितीय, प्रमाणित श्रेणी के बीजों के सम्‍बर्द्धन हेतु बीज उत्‍पादन कार्यक्रम का राज्‍य बीज प्रमाणीकरण संस्‍था से प्रमाणित कराये जाने की व्‍यवस्‍था की जायेगी।
  • आलू बीज उत्‍पादन में श्रम लागत को कम करने तथा आटो‍मेशन को बढावा देने तथा प्रति हेक्‍टेयर क्षेत्रफल से गुणवत्‍तायुक्‍त अधिक उत्‍पादन प्राप्‍त करने हेतु मशीनीकरण तथा सिंचाई की स्प्रिंकलर एवं ड्रिप पद्धति को प्रोत्‍साहित किया जायेगा।
2. प्रदेश के बाहर अन्य प्रान्तों में आलू प्रदर्शनी एवं बायर सेलर मीट का आयोजनः- उत्तर प्रदेश के उत्पादित आलू को प्रोत्साहित करने हेतु प्रदेश के बाहर अन्य राज्यों में एक दिवसीय आलू प्रदर्शनी एवं बायर सेलर मीट का आयोजन कराया जाता है। यह कार्यक्रम प्रदेश के बाहर उन प्रान्तों में जहाँ आलू विपणन की सम्भावनायें है वहाँ प्रबन्ध निदेशक, उ0प्र0 राज्य औद्यानिक सहकारी विपणन संघ द्वारा कराया जाता है। इस कार्यक्रम में प्रत्येक आलू प्रदर्शनी एवं बायर सेलर मीट के लिए रु. 3.00 लाख प्रति कार्यक्रम का प्राविधान है।
आलू प्रदर्शनी एवं बायर सेलर मीट में प्रगतिशील किसानों का अपने उत्पाद के साथ भाग लेने हेतु चयन किया जाता है।
 
3 आधारीय/प्रमाणित आलू बीज वितरण की नीतिः-
  • सम्बन्धित जनपदीय उद्यान अधिकारी द्वारा आधारित प्रथम/आधारित द्वितीय श्रेणी के आलू बीज वितरण के लिए प्रथम आवक, प्रथम पावक के अनुसार किसानों का पंजिका में लिपिबद्ध किया जायेगा।
  • आधारित प्रथम एवं आधारित द्वितीय आलू बीज का वितरण आलू बीज उत्पादन करने वाले कृषकों को समूह में वरीयता के आधार पर उपलब्ध कराया जायेगा।
  • आलू बीज वितरण के समय यह विशेष ध्यान रखा जायेगा कि बीज उत्पादन करने वाले कृषकों का एक वर्ग किमी0 क्षेत्र में कम से कम 05 हैक्टेयर क्षेत्रफल में आलू बीज उत्पादन कार्यक्रम किया जायेगा। यह व्यवस्था उ0प्र0 राज्य बीज प्रमाणीकरण संस्था के नियमो के अनुसार किसानों को निरीक्षण शुल्क कम से कम देना पडे़, इसे दृष्टिगत रखते हुए पालन किया जाय।
  • समूह के प्रत्येक लाभार्थी को कम से कम 0.50 हैक्टेयर क्षेत्रफल में बीजोत्पादन कराया जाना आवश्यक है।
  • आलू बीज उत्पादन हेतु प्रति हैक्टेयर 35 कुन्तल बीज की दर से नकद मूल्य पर उपलब्ध कराया जायेगा।
  • प्रत्येक आलू बीज उत्पादन करने वाले कृषक को उ0प्र0 राज्य बीज प्रमाणीकरण संस्था से पंजीकरण, फसल का निरीक्षण तथा उत्पादन के उपरान्त टैगिंग व पैंकिग कराना अनिवार्य है।
 

नवीन शीतगृह के निर्माण/लाईसेन्स प्राप्त करने हेतु विभागीय प्रक्रिया-

1. नवीन शीतगृह के निर्माण/लाईसेन्स प्राप्त करने हेतु विभागीय प्रक्रिया- (क) शीतगृह के निर्माण/लाईसेन्स प्राप्त करने के लिए सर्वप्रथम इच्छुक उद्यमी को पहले लाईसेन्स अधिकारी (शीतगृह) से निर्माण अनुज्ञा प्राप्त करके निर्माण प्रारम्भ किया जाता है, जिसके लिए निम्नानुसार अभिलेखों की आवश्यकता होती है। निर्माण अनुज्ञा हेतु प्रपत्र
  1. आवेदन पत्र निर्धारित प्रारूप पर
  2. विद्युत स्वीकृति की फोटो प्रति
  3. भूमि स्वामित्व का विवरण
    (क) भूमि का क्षेत्रफल
    (ख) बैनामा/खतौनी की प्रति
    (ग) भूमि किरायानामा पर है या नही
    (1) नोट-यदि भूमि लीज/किरायानामा पर है तो पंजीकृत प्रपत्र
    (2) यदि कोल्ड स्टोरेज प्रा0लि0 कम्पनी में चलाया जा रहा है तो भूमि का स्वामित्व कम्पनी के नाम होने के अभिलेख
  4. प्रस्तावित कोल्ड स्टोरेज का मानचित्र नियमावली के प्राविधानो के अनुसार
    (क) साइट प्लान
    (ख) डिटेल प्लान
    (ग) मानचित्र में प्रीकूलिंग चैम्बर का प्राविधान।
  5. यदि कारोबार प्रा0लि0 कम्पनी द्वारा किया जायेगा तो मेमोरण्डम आफ आर्टिकल्स और यदि पार्टनरशिप में किया जा रहा है तो फर्म निबन्धक से पंजीकृत पार्टनरशिप डीड।
  6. आन्तरिक माप एवं भण्डारण क्षमता मीटर मांपो में भलि-भांति मानचित्र के अनुसार गणना किये जाने सम्बन्धित प्रमाण-पत्र
  7. प्रोजक्ट रिपोर्ट
  8. सम्बन्धित जनपदीय उद्यान अधिकारी द्वारा कोल्ड स्टोरेज की आवश्यकता के सम्बन्ध में प्रमाण-पत्र
  9. सम्बन्धित मण्डलीय अधिकारी की स्पष्ट संस्तुति
  10. अग्निशमन अधिकारी का अनापत्ति प्रमाण-पत्र
  11. प्रदूषण नियन्त्रण बोर्ड का अनापत्ति प्रमाण-पत्र
  12. धारा-143 के अन्तर्गत भूमि अकृषक सम्बन्धी प्रमाण-पत्र
  13. जिला उद्योग केन्द्र में पंजीकृत प्रमाण-पत्र

(ख) दो वर्ष के अन्दर शीतगृह के निर्माण कार्य पूर्ण होने के उपरान्त लाइसेन्स प्राप्त करने के लिए सर्व प्रथम इच्छुक उद्यमी को निम्नानुसार अभिलेखो की आवश्यकता होती है।

लाइसेन्स हेतु प्रपत्र
  1. आवेदन पत्र निर्धारित प्रारूप पर (प्रपत्र संख्या-2)।
  2. भवन के सुदृढ़ निर्माण के सम्बन्ध में सक्षम इन्जीनियर का प्रमाण पत्र।
  3. मशीनरी के सम्बन्ध में सक्षम इन्जीनियर का प्रमाण पत्र।
  4. यदि अनुज्ञा से पूर्व विद्युत लोड स्वीकृत न हुआ हो तो विद्युत लोड स्वीकृत विषयक पत्र की फोटो कापी।
  5. जनरेटर की उपलब्धता के संबंध में प्रमाण पत्र।
  6. मशीनरी की सूची
  7. पार्टनरशिप डीड/मेमोरेण्डम।
  8. बीमा सम्बन्धी कागजात
    (अ) भवन मशीनरी तथा स्टाक (आग एवं अन्य प्रकार की क्षतियों का)
    (ब) मशीनरी ब्रेक डाउन।
  9. निमार्णोपरान्त मानचित्र का वास्तविक ब्लूप्रिन्ट (मीटर मापो में)
  10. लाइसेंस प्राप्त हेतु जमा की गयी धनराशि का मूल ट्रेजरी चालान।
  11. सम्बन्धित जनपदीय अधिकारी एवं मण्डलीय अधिकारी की स्पष्ट संस्तुति।
  12. जिलाधिकारी द्वारा नामित अभियन्ता द्वारा जारी नेशनल बिल्डिंग कोड-2005 के अन्तर्गत प्रमाण-पत्र
  13. शीतगृह लाईसेंन्स एवं नवीनीकरण फीस विवरण (एक वर्ष के लिए मान्य):-
    क्र. सं.कोल्ड स्टोरेज में स्टोर करने की क्षमता घ0मी0सहकारी शीतगृह लाईसेन्स फीससहकारी शीतगृह नवीनीकरण फीसनिजी शीतगृह लाईसेन्स फीसनिजी शीतगृह नवीनीकरण फीस
    1- 01 से 282 तक 1100 600 1500 800
    2- 282 से अधिक 7000 तक 4500 2600 6000 3500
    3- 7000 से अधिक 15000तक 7500 4500 10000 6000
    4- 15000 से अधिक 11200 7500 15000 10000
  14. नेशनल बिल्डिंग कोड 2005 के अन्तर्गत जारी प्रमाण पत्र सक्षम अभियन्ता द्वारा। इच्छुक उद्यमी उक्त कार्यवाही हेतु आवदेन पत्र के साथ समस्त प्रपत्रों सहित जनपदीय उद्यान अधिकारी को प्रस्तुत किया जाता है सम्बन्धित जनपदीय उद्यान अधिकारी द्वारा 10 दिन के अन्दर स्थलीय निरीक्षणोंपरान्त अपनी संस्तुति सहित आवेदन पत्र उप निदेशक उद्यान को प्रस्तुत करेंगे तत्पश्चात उप निदेशक उद्यान द्वारा 05 दिन के अन्दर अपनी संस्तुति सहित आवेदन पत्र लाईसेन्सिंग अधिकारी (शीतगृह), /निदेशक उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, उ0प्र0 को प्रस्तुत करेंगे, जो अभिलेखों के परीक्षणोंपरान्त लाईसेन्स जारी करने योग्य पाये जाने की स्थिति में 10 दिन के अन्दर लाईसेन्स जारी करेंगे।
  • शीतगृह स्वामियों को बहुकक्षीय/बहुउद्देेशीय कोल्ड स्टोरेज की स्थापना करने पर प्लान्ट, मशीनरी एवं टेक्निकल सिविल वर्क में लागत मूल्य का 35 प्रतिशत, अधिकतम 1.40 करोड़ रू0 तक राज्य सहायता एकीकृत बागवानी मिशन योजनान्तर्गत अनुमन्य है।
  • ऋण प्राप्त करने के लिए बैंक से परामर्श प्राप्त कर आवश्यक औपचारिकताये पूर्ण करते हुए सम्बन्धित बैक को आवेदन पत्र प्रस्तुत करना होता है।