योजना- एक दृष्टि में

योजना का नाम फल पट्टियों का विकास कर बागवानी को बढ़ावा दिये जाने की योजना
योजना अवधि 5 वर्ष (2017-18 से 2021-22 तक)
योजना का कार्य क्षेत्र राज्य सरकार द्वारा घोषित फल पट्टी क्षेत्र।
भौतिक लक्ष्य  

बफर जोन में क्षेत्र विस्तार

(अ) आम, अमरूद की सघन बागवानी
(ब) आम, अमरूद एवं आंवला
50 हेक्टेयर
250 हेक्टेयर
कैनोपी मैनेजमेंट/जीर्णोद्धार 50 हेक्टेयर
प्लास्टिक क्रेट्स वितरण (संख्या में) 150000
मैंगो हार्वेस्टर (संख्या में) 32500
ग्रेडिंग पैकिंग सेन्टर (संख्या में) 150
आई0पी0एम0/आई0एन0एम0 प्रोत्साहन 1000 हेक्टेयर
पावर स्प्रेयर 200 संख्या
कृषक प्रशिक्षण (संख्या में) 37500
गोष्ठी (संख्या में) 75
प्रदेश के बाहर देश के भीतर तथा देश के बाहर अन्य देशों में भ्रमण कार्यक्रम  
पुराने अनुत्पादक बागों/वृक्षों को रिप्लेसमेन्ट करना  

कार्यक्रमवार इकाई लागत राज्य सहायता एवं कृषक अंश का विवरण-

क्र0 सं0 कार्यक्रम का नाम इकाई काई लागत(रू0 में) राज्य सहायता(रू0 में) राज्य सहायता का प्रतिशत कृषक अंश(रू0 में)
क्षेत्र विस्तार
1 आम की सघन बागवानी (स्थापना वर्ष रू0 9840, प्रथम वर्ष रू0 3280, द्वितीय वर्ष 3280) हेक्टेयर 41000 16400 (3 वर्ष में) 40 24600
अमरूद की सघन बागवानी (स्थापना वर्ष रू0 17599, प्रथम वर्ष रू0 5866, द्वितीय वर्ष 5867) हेक्टेयर 73330 29332(3 वर्ष में) 40 43998
आम (स्थापना वर्ष रू0 7650, प्रथम वर्ष रू02550, द्वितीय वर्ष 2550) हेक्टेयर 25500 12750(3 वर्ष में) 50 12750
अमरूद (स्थापना वर्ष रू0 11502, प्रथम वर्ष रू0 3834, द्वितीय वर्ष 3834 हेक्टेयर 38340 19170(3 वर्ष में) 50 19170
आंवला (स्थापना वर्ष रू0 12004, प्रथम वर्ष रू0 4000, द्वितीय वर्ष 4000) हेक्टेयर 40008 40008 20004(3 वर्ष में) 50 20004
2 पुराने अनुत्पादक बागों/वृक्षों को रिप्लेसमेन्ट करना पौधों की संख्या एवं क्षेत्रफल के आधार पर नयें बागों की स्थापना की भांति अनुदान देय होगा।
3 कैनोपी मैनेजमेंट/जीर्णोद्धार हेक्टेयर 40000 20000 50 20000
4 प्लास्टिक क्रेट्स वितरण संख्या 500 375 75 125
5 मैंगो हार्वेस्टर संख्या 250 188 75 62
6 ग्रेडिंग पैकिंग सेन्टर संख्या 400000 200000 50 200000
7 आई0पी0एम0/आई0एन0एम0 प्रोत्साहन हेक्टेयर 4000 1200 30 2800
8 पावर स्प्रेयर संख्या 8758 6569 75 2189
9 कृषक प्रशिक्षण प्रति कृषक 1000 1000 100 -
10 गोष्ठी प्रति गोष्ठी 200000 200000 100 -
11 प्रदेश के बाहर देश के भीतर तथा देश के बाहर अन्य देशों में भ्रमण कार्यक्रम परियोजना आधारित - 50,00,000 प्रतिवर्ष 100 -

प्रचार-प्रसार कार्य-

आकाशवाणी, दूरदर्शन, समाचार-पत्रों, साहित्य एवं पत्रिकाओं, वाल पेन्टिंग तथा गोष्ठियों के माध्यम से।

परियोजना लागत-

क्र0 सं0 वर्ष धनराशि (लाख रू0 में)
1 2017-18 456.60
2 2018-19 459.51
3 2019-20 462.43
4 2020-21 462.43
5 2021-22 462.43
योग 2303.40

अनुक्रमणिका

क्र0सं0 विवरण पृष्ठ संख्या
1 प्रस्तावना 1
2 उद्देश्य 1
3 योजना की अवधि 1
4 योजना का कार्यक्षेत्र 1-2
5 योजना के अन्तर्गत प्रस्तावित कार्य 2-7
6 योजना का सत्यापन 7
7 योजना का अनुश्रवण 7
8 योजना का लाभ 7
9 फल पट्टियों के विकास हेतु कार्यक्रमवार भौतिक एवं वित्तीय विवरण 8
10 फल पट्टियों के विकास हेतु मदवार/ वर्षवार व्यय विवरण 9
11 आम बागों में एकीकृत नाशीजीव प्रबन्ध पैकेज 10
12 अमरूद एवं आंवला बागों में एकीकृत नाशीजीव प्रबन्धन पैकेज 11

फल पट्टियों का विकास कर बागवानी को बढ़ावा दिये जाने की योजना

प्रस्तावना

प्रदेश की भूमि एवं जलवायु फलदार पौधों के लिए उपयुक्त है। प्रदेश के कतिपय जनपद के क्षेत्र फल विशेष उत्पादन के लिए अधिक उपयुक्त है। इन क्षेत्रों में फल विशेष के गुणवत्तायुक्त उत्पादन तथा क्षेत्र विस्तार को प्रोत्साहन करने हेतु फल पट्टी के रूप में विकसित करने का प्रयास किया गया है। प्रदेश में 3 फलों आम, अमरूद एवं आवंला के विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा फल पट्टी घोषित की गयी हैं। आम फलपट्टी जनपद सहारनपुर, मेरठ, बागपत, बुलन्दशहर, अमरोहा, प्रतापगढ, वाराणसी, लखनऊ, उन्नाव, सीतापुर, हरदोई, फैजाबाद तथा बाराबंकी के 31 विकास खण्ड आच्छादित हैं। अमरूद फलपट्टी हेतु जनपद कौशाम्बी एवं बदायूँ के 06 विकास खण्ड लिये गये है तथा आंवला फलपट्टी के अन्तर्गत जनपद प्रतापगढ़ के 2 विकास खण्ड अंगीकृत किये गये हैं। फल विशेष के गुणवत्तायुक्त उत्पादन एवं क्षेत्र विस्तार हेतु फल पट्टियों का विकास कर बागवानी को बढ़ावा देने का उल्लेख प्रदेश सरकार द्वारा अपने ’’संकल्प पत्र 2017’’ में उल्लेख किया है, जिसे दृष्टिगत रखते हुए कार्ययोजना तैयार की गयी है। इस कार्य योजना में क्षेत्र विस्तार, कैनोपी मैनेजमंेट, फंेसिंग, प्लास्टिक के्रटस, हार्वेस्टर, पैक हाउस निर्माण, एकीकृत कीट नाशी प्रबन्धन (आई0पी0एम0)/एकीकृत पोषण तत्व प्रबन्धन (आई0एन0एम0) पावर स्पे्रयर आदि को सहायतित मूल्य पर उपलब्ध कराने का समावेश कार्य योजना में किया गया है।

प्रदेश में घोषित फल पट्टियों का विवरण निम्नवत हैं-

उद्देश्य

फलपट्टी विकास कर बागवानी विकास का उद्देश्य निम्नवत हैः-

  • संहत क्षेत्रों में गुणवत्तायुक्त फल उत्पादन तथा क्षेत्र विस्तार करना।
  • पुराने अल्प उत्पादक बागों का जीर्णोद्धार एवं कैनोपी प्रबन्धन।
  • विपणन/भण्डारण की सुगमता हेतु प्लास्टिक क्रेट्स का वितरण।
  • आम की तुड़ाई से क्षति बचाने हेतु मैंगो हार्वेस्टर को उपलब्ध कराना।
  • फलों के भण्डारण/ग्रेडिंग हेतु आनफार्म पैक हाउस निर्माण कराना।
  • कीट/व्याधि रसायनों से होने वाले प्रदूषण/हानियों से सुरक्षा हेतु आई0पी0एम0/ आई0एन0एम0/ पैकेज का प्रोत्साहित करना।
  • कीट नाशक रसायनों के छिड़काव हेतु पावर स्पे्रयर का वितरण।
  • फलोत्पादन की तकनीकों एवं तुड़ाई के उपरान्त क्षतियों को कम करने आदि के सम्बन्ध में कृषकों/बागवानों को प्रशिक्षित करना।
  • योजना के प्रचार-प्रसार हेतु गोष्ठियों का आयोजन करना।

योजना अवधि

5 वर्ष (वर्ष 2017-18 से 2021-22 तक)

योजना का कार्यक्षेत्र

प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश में फलों के विकास हेतु आम, अमरूद और आंवला की 3 फल पट्टियाँ घोषित की गई है। आम फलपट्टी के अन्तर्गत 13 जनपद (सहारनपुर, मेरठ, बागपत, बुलन्दशहर, अमरोहा, प्रतापगढ़, वाराणसी, लखनऊ, उन्नाव, सीतापुर, हरदोई, फैजाबाद, बाराबंकी), अमरूद फल पट्टी के अन्तर्गत 02 जनपद (कौशाम्बी और बदायूँ) तथा आंवला फल पट्टी के अन्तर्गत 01 जनपद प्रतापगढ़ आच्छादित है। इन जनपदों के चयनित विकास खण्ड फल पट्टी योजना के अन्तर्गत लिये गये है, जिनका जनपदवार विवरण निम्नवत है।

क्र0सं0 जनपद चयनित विकास खण्डों की संख्या चयनित विकास खण्ड
1 2 3 4
1 सहारनपुर 1 सधौली कदीम, बेहट
2 मेरठ 1 माछरा (शाहजहाँपुर)
3 बागपत 3 जानी, पिलाना, खेकड़ा
4 बुलन्दशहर 2 स्याना, ऊँचागॉव
5 अमरोहा 4 1-अमरोहा, जोया, 2-गजरौला, हसनपुर
6 प्रतापगढ 2 कुण्डा, कालाकांकर
7 वाराणसी 1 चिरईगॉव
8 लखनऊ 4 1-माल, मलिहाबाद, काकोरी2-बक्शी का तालाब
9 उन्नाव 5 हसनगंज, मियांगंज, औरास, सफीपुर, फतेहपुर
10 सीतापुर 2 1-महमूदाबाद2-खैराबाद
11 हरदोई 1 शाहाबाद
12 फैजाबाद 3 1-मसौधा, सोहावल2- माया बाजार
13 बाराबंकी 2 देवा, बंकी
अमरूद-
1 कौशाम्बी 2 चायल, मूरतगंज
2 बदायूँ 4 म्याऊ, जगत, उसावां, कादरचैक
आंवला-
1 प्रतापगढ. 2 सदर, मगरौरा

प्रस्तावित कार्य

योजनान्तर्गत निम्नांकित कार्य प्रस्तावित किये गये हैं-

क्षेत्र विस्तार

आम, अमरूद एवं आंवला फलों के क्षेत्र विस्तार हेतु एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के अनुसार राज्य सहायता दी जानी प्रस्तावित है।

नये उद्यानों की स्थापना हेतु सांकेतिक ईकाई लागत/राज्य सहायता का विवरण निम्नवत है-

इकाई लागत प्रति हेक्टेयर- आम की सघन बागवानी

पौध संख्या- 400 (5×5) मी0 (धनराशि रू0 में)
क्र0सं0 मद प्रस्तावित व्यवस्था
स्थापना वर्ष  (60%) नुरक्षण द्वितीय वर्ष (20%) अनुरक्षण तृतीय वर्ष (20%)
  सामग्री लागत      
1 पौध सामग्री (रोपण वर्ष 10% अतिरिक्त, द्वितीय वर्ष 25% तृतीय वर्ष 10%) + ड्रिप इरीगेशन +आई.पी.एम./आई.एन.एम. (नीम केक, एसपरजिलस, ट्राइकोडर्मा, बिबेरिया वैसियाना, एजेटोबैक्क्टर, पी एस बी एवं के एम बी)
(अनुदान की धनराशि का व्यय प्राथमिकता पर रोपण सामग्री पर की जायेगी।)
9840 3280 3280
योग 9840 3280 3280

इकाई लागत प्रति हेक्टेयर- अमरूद की सघन बागवानी

पौध संख्या- 1111 (3×3) मी0 (धनराशि रू0 में)
क्र0सं0 मद प्रस्तावित व्यवस्था
स्थापना वर्ष  (60%) नुरक्षण द्वितीय वर्ष (20%) अनुरक्षण तृतीय वर्ष (20%)
  सामग्री लागत      
1 पौध सामग्री (रोपण वर्ष 10% अतिरिक्त, द्वितीय वर्ष 25% तृतीय वर्ष 10%) + ड्रिप इरीगेशन +आई.पी.एम./आई.एन.एम. (नीम केक, एसपरजिलस, ट्राइकोडर्मा, बिबेरिया वैसियाना, एजेटोबैक्क्टर, पी एस बी एवं के एम बी) (अनुदान की धनराशि का व्यय प्राथमिकता पर रोपण सामग्री पर की जायेगी।) 17599 5866 5867
योग 17599 5866 5867

इकाई लागत प्रति हेक्टेयर- आम

पौध संख्या- 100 (10×10) मी0 (धनराशि रू0 में)
क्र0सं0 मद प्रस्तावित व्यवस्था
स्थापना वर्ष  (60%) नुरक्षण द्वितीय वर्ष (20%) अनुरक्षण तृतीय वर्ष (20%)
  सामग्री लागत      
1 पौध सामग्री (रोपण वर्ष 10% अतिरिक्त, द्वितीय वर्ष 25% तृतीय वर्ष 10%)  3300 750 300
2 आई.पी.एम./आई.एन.एम. (नीम केक, एसपरजिलस, ट्राइकोडर्मा, बिबेरिया वैसियाना, एजेटोबैक्क्टर, पी एस बी एवं के एम बी) 2350 1000 1000
3 वर्मी कम्पोस्ट 2000 800 1250
योग 7650 2550 2550

इकाई लागत प्रति हेक्टेयर- अमरूद

पौध संख्या-278 (6×6) मी0 ) (धनराशि रू0 में)
क्र0सं0 मद प्रस्तावित व्यवस्था
स्थापना वर्ष  (60%) नुरक्षण द्वितीय वर्ष (20%) अनुरक्षण तृतीय वर्ष (20%)
  सामग्री लागत      
1 पौध सामग्री (रोपण वर्ष 10% अतिरिक्त, द्वितीय वर्ष 25% तृतीय वर्ष 10%)  7296 1680 672
2 आई.पी.एम./आई.एन.एम. (नीम केक, एसपरजिलस, ट्राइकोडर्मा, बिबेरिया वैसियाना, एजेटोबैक्क्टर, पी एस बी एवं के एम बी) 2206 1354 1354
3 वर्मी कम्पोस्ट 2000 800 1808
योग 11502 3834 3834

इकाई लागत प्रति हेक्टेयर- आंवला

पौध संख्या-278 (6×6) मी0 (धनराशि रू0 में)
क्र0सं0 मद प्रस्तावित व्यवस्था
स्थापना वर्ष  (60%) नुरक्षण द्वितीय वर्ष (20%) अनुरक्षण तृतीय वर्ष (20%)
  सामग्री लागत      
1 पौध सामग्री (रोपण वर्ष 10% अतिरिक्त, द्वितीय वर्ष 25% तृतीय वर्ष 10%)  6992 1587 644
2 आई.पी.एम./आई.एन.एम. (नीम केक, एसपरजिलस, ट्राइकोडर्मा, बिबेरिया वैसियाना, एजेटोबैक्क्टर, पी एस बी एवं के एम बी) 2510 2414 3357
3 वर्मी कम्पोस्ट 2500 - -
योग 12002 4001 4001

कैनोपी मैनेजमेंट

आम, अमरूद एवं आंवला के पुराने अनुत्पादक बागों व अल्प उत्पादक बागों का जीर्णोद्वार तथा पौधों के कैनोपी प्रबन्धन हेतु इकाई लागत रू0 40000 प्रति हेक्टेयर का 50 प्रतिशत अर्थात् रू0 20000/- प्रति हेक्टेयर की दर से सहायता प्रस्तावित है। आम, अमरूद तथा आंवला पर देय सहायता लागत का विवरण निम्नवत है-

आम

क्र0सं0 मद अनुदान रू0
1 पेड़ों की कटाई-छटाई+कटे भाग पर गाय के गोबर या कॉपर का लेप+तना भेदक कीट को तीली की सहायता से छिद्र से बाहर निकालना तथा रूई के फाये को डाईक्लोरवास में भिगोकर छिद्र में रखकर गीली मिट्टी से छिद्र को बन्द करना+तना में कॉपर का लेप+थाले में गोबर की खाद/वर्मी कम्पोस्ट डालकर गुड़ाई करना। 12000
2 विरलीकरण 1000
3 मल्चिंग हेतु काली पालीथीन शीट (100 माइक्रॉन) 4000
4 वर्मी कम्पोस्ट, उर्वरक, सूक्ष्म पोषक तत्व एवं पेस्ट मैनेजमेंट 3000
योग 20000

अमरूद

क्र0सं0 मद अनुदान रू0
1 पेड़ों की कटाई-छटाई+कटे भाग पर गाय के गोबर या काॅपर का लेप+तना भेदक कीट को तीली की सहायता से छिद्र से बाहर निकालना तथा रूई के फाये को डाईक्लोरवास में भिगोकर छिद्र में रखकर गीली मिट्टी से छिद्र को बन्द करना+तना में कॉपर का लेप+थाले में गोबर की खाद/वर्मी कम्पोस्ट डालकर गुड़ाई करना। 9000
2 विरलीकरण 2000
3 मल्चिंग हेतु काली पालीथीन शीट (100 माइक्रॉन) 6000
4 वर्मी कम्पोस्ट, उर्वरक, सूक्ष्म पोषक तत्व एवं पेस्ट मैनेजमेंट 3000
योग 20000

आंवला

क्र0सं0 मद अनुदान रू0
1 पेड़ों की कटाई-छटाई+कटे भाग पर गाय के गोबर या काॅपर का लेप+तना भेदक कीट को तीली की सहायता से छिद्र से बाहर निकालना तथा रूई के फाये को डाईक्लोरवास में भिगोकर छिद्र में रखकर गीली मिट्टी से छिद्र को बन्द करना+तना में कॉपर का लेप+थाले में गोबर की खाद/वर्मी कम्पोस्ट डालकर गुड़ाई करना। 9000
2 विरलीकरण 2000
3 मल्चिंग हेतु काली पालीथीन शीट (100 माइक्रॉन) 6000
4 वर्मी कम्पोस्ट, उर्वरक, सूक्ष्म पोषक तत्व एवं पेस्ट मैनेजमेंट 3000
योग 20000

प्लास्टिक क्रेट्स वितरण

उत्पादित फलों के ग्रेडिंग पैकिंग एवं ट्रांसपोर्टेसन में प्लास्टिक क्रेट्स का उपयोग महत्वपूर्ण है। इसके उपयोग से यातायात में आने वाली क्षतियों को कम किया जा सकता है। फलों के पैकिंग हेतु प्लास्टिक क्रेट्स की कीमत रू0 500.00प्रति क्रेट्स आगणित की गई है, जिस पर 75 प्रतिशत राज्य सहायता अर्थात् रू0 375.00 प्रति क्रेट्स की दर से दिया जाना कार्य योजना में समावेशित किया जाना है।

एकीकृत नाशीजीव प्रबन्धन (आई0पी0एम0)/एकीकृत पोषक तत्व प्रबन्धन (आई0ए0एम0)

गुणवत्तायुक्त फलोत्पादन हेतु घातक रसायनों एवं उर्वरकों को उपयोग में रोकने के लिये जैविक कीट/व्याधि निरोधक उपायों एवं जैविक विधि से तैयार किये गये उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिये इकाई लागत रू0 4000 प्रति हेक्टेयर के सापेक्ष 30 प्रतिशत अर्थात् रू0 1200.00 प्रति हेक्टेयर की दर से राज्य सहायता दिया जाना प्रस्तावित है। आम, अमरूद एवं आंवला का आई0पी0एन0 पैकेज निम्नवत है-

फसल आई.पी.एम. टूल्स कुल लागत/हे0 धनराशि रू0 में सहायता
आम अल्काथीन शीट 400 गेज मिलीबग हेतु 800 600
विवेरिया/स्यूटडोमोनास 400  
मिथाइल यूजीनाल/फेरोमोन ट्रैप 600 600
बायोपेस्टीसाइड्स 1600  
आई.एन.एम. कम्पोनेंट लिक्विड बायो फर्टीलाइजर आफ एन.पी. एण्ड के. 600  
योग 4000 1200
अमरूद एसपरजिलस 600 600
मिथाइल यूजीनाल/फेरोमोन ट्रैप 800 600
बायोपेस्टीसाइड्स 2000  
आई.एन.एम. कम्पोनेंट लिक्विड बायो फर्टीलाइजर आफ एन.पी. एण्ड के. 600  
योग- 4000 1200
आंवला एसपरजिलस 600 600
मिथाइल यूजीनाल/फेरोमोन ट्रैप 800 600
बायोपेस्टीसाइड्स 2000  
आई.एन.एम. कम्पोनेंट लिक्विड बायो फर्टीलाइजर आफ एन.पी. एण्ड के. 600  
योग 4000 1200

उक्त फसलों में संस्तुत आई.पी.एम. टूल्स संलग्नक 10,11 पर दिया गया है।

मैंगो हार्वेस्टर

आम के फलों की तुड़ाई की तकनीकी महत्वपूर्ण है। मैंगो हार्वेस्टर से तोड़े गये फल चोटिल नहीं होते हैं एवं उनकी गुणवत्ता तथा भण्डारण क्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता है। मैंगो हार्वेस्टर के उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अनुमानित लागत रू0 250 प्रति हार्वेस्टर पर 75 प्रतिशत अनुदान अर्थात् रू0 188.00 प्रति हार्वेस्टर की दर से सहायता दिया जाना प्रस्तावित है।

फंक्शनल पैक हाउस/आन फार्म कलेक्शन यूनिट

फलों के तुड़ाई के उपरान्त ग्रेडिंग पैकिंग महत्वपूर्ण होता है। फंक्शनल पैक हाउस/आन फार्म कलेक्शन यूनिट की प्रस्तावना के लिये इकाई लागत रू0 4.00 लाख पर 50 प्रतिशत सहायता दिया जाना प्रस्तावित है। फंक्शनल पैक हाउस/आन फार्म कलेक्शन यूनिट का विवरण निम्नवत है-

पैक हाउस निर्माण में धरातल से कम से कम एक फिट उंचाई पर एक वर्किंग शेड (9 मी0×6 मी0) तैयार किया गया हो एवं असमें फल/सब्जियों के धोने की व्यवस्था, प्लास्टिक क्रेट्स, डीसैपिंग, हाॅट वाटर ट्रीटमेंट सुविधा, ग्रेडिंग, पैकिंग की सुविधा तथा गे्रडिंग पैकिंग उपरान्त विपणन योग्य उत्पाद के उचित भण्डारण कक्ष की सुविधा आदि का समावेश होना चाहिए।

पावर स्प्रेयर-

ऐसे बाग जिनके पौधे बड़े होते हैं उनमें कीट/व्याधियों से बचाव हेतु रसायनों के छिड़काव में पावर स्प्रेयर का महत्वपूर्ण योगदान होता है। पावर स्प्रेयर के उपयोग हेतु इकाई लागत रू0 8758.00 का 75 प्रतिशत अनुदान धनराशि रू0 6569.00 की सहायता दी जानी कार्य योजना में समावेशित की गई है।

प्रशिक्षण-

कृषकों/बागवानों को फलदार पौधों से गुणवत्तायुक्त उत्पादन प्राप्त करने हेतु अपनाई जाने वाली शस्य क्रियाओं की नवीनतम तकनीकों की जानकारी होना आवश्यक है। विशेषज्ञों एवं अधिकारियों द्वारा समय-समय पर नवीनतम तकनीकों की जानकारी दी जाने हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाना प्रस्तावित है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम एक दिवसीय होगा जिस पर रू0 1000 प्रति कृषक प्रतिदिन की दर से आने वाला व्यय-भार राज्य सरकार द्वारा वहन किये जाने हेतु, वांछित धनराशि कार्य योजना में समावेशित की गई है।

प्रचार-प्रसार

योजना को जन-सामान्य तक पहुचाने हेतु प्रचार-प्रसार आवश्यक है। योजना में प्रदत्त सुविधाओं की जानकारी पाम्पलेट, प्रचार-प्रसार के इलेक्ट्रानिक संसाधनों, वाल-पेंटिग, फ्लेक्सी बैनर आदि के माध्यम से किया जायेगा। इस कार्य हेतु रू0 40000.00 प्रति विकास खण्ड की दर से आने वाला व्यय कार्य योजना में समावेशित किया गया है।

गोष्ठी

योजना में सामान्य कृषकों के सहभागिता बढ़ाने के उद्देश्य से योजना क्षेत्र में प्रतिवर्ष दो बार जनपद स्तरीय गोष्ठी के आयोजन का प्रावधान किया गया है। इस गोष्ठी पर आने वाला व्यय रू0 2.00 लाख प्रति गोष्ठी आगणित किया गया है जिसका व्यय-भार योजना में समावेशित किया गया।

उपरोक्त दर्शाये गये कार्यों को समावेशित करते हुये कार्य योजना तैयार की गई है, जिसका मदवार व्यय विवरण संलग्न है।

प्रदेश के बाहर देश के भीतर तथा देश के बाहर अन्य देशों में भ्रमण कार्यक्रम

चयनित जनपदों के चयनित कृषकों के लिए भ्रमण कार्यक्रम आयोजित कराया जायेगा। यह कार्यक्रम प्रदेश के बाहर देश के भीतर तथा देश के बाहर अन्य देशों में भ्रमण कार्यक्रम विशिष्ट उत्पादक क्षेत्रों में विभिन्न कार्यक्रमों विशेष के रोल माडल से कृषकों को परिचित कराने एवं नवीन तकनीकी अपनाये जाने हेतु प्रेरित करने के उद्देश्य से कराया जायेगा।

यह कार्यक्रम वास्तविक व्यय के अनुसार परियोजना आधारित कार्यक्रम के रूप में कराया जायेगा, जिसका शत-प्रतिशत व्यय भार राज्य सरकार द्वारा वहन किया जायेगा।

पुराने अनुत्पादक बागों/वृक्षों को रिप्लेसमेन्ट की व्यवस्था

फल पट्टी क्षेत्र के अन्तर्गत पुराने बागों/वृक्षों जो अनुत्पादक हो गये हैं उनको रिप्लेसमेन्ट किये जाने की अनुमति इस शर्त के साथ प्रदान की जायेगी कि यह सुनिश्चित हो जाये कि बाग/वृक्ष अनुत्पादक हो गये हैं, और उनको जीर्णोद्धार/कैनोपी मैनेजमेन्ट तकनीकों से उत्पादक बनाया जाना सम्भव न हो। ऐसे अनुत्पादक बागों/वृक्षों को रिप्लेसमेन्ट किये जाने की संस्तुति जनपद स्तर पर गठित समिति द्वारा की जायेगी। इस समिति में वन विभाग, कृषि विज्ञान केन्द्र अथवा केन्द्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान के वैज्ञानिक, जिला अधिकारी द्वारा नामित मजिस्ट्रेट तथा सम्बन्धित जनपद के जिला उद्यान अधिकारी (सदस्य-सचिव) होंगे। यह समिति कृषकों/बागवानों द्वारा अनुत्पादक बागों/वृक्षों के रिप्लेसमेन्ट हेतु दिये गये आवेदन पत्र पर बागों/वृक्षों का निरीक्षण करेगी। निरीक्षण समिति बागों/वृक्षों के अनुत्पादक पाये जाने की दशा में पातन के अनुमति की संस्तुति सम्बन्धित वन विभाग के अधिकारी को उपलब्ध करायेगी।

प्रशासनिक व्यय

परियोजना के अन्तर्गत कराये जाने वाले कार्यों के अभिलेखीकरण, अनुश्रवण, सूचनाआंे के आदान-प्रदान, किराये का वाहन, यात्रा व्यय, स्टेशनरी, व्यवसायिक सेवाओं, कम्प्यूटर क्रय/अनुरक्षण आदि कार्यों के लिए योजना लागत की 05 प्रतिशत धनराशि का समावेश करते हुए आवश्यक धनराशि की मांग की गयी है।

योजना का सत्यापन

प्रदेश में योजनान्तर्गत कार्यक्रमों का सत्यापन जनपदीय अधिकारियों द्वारा निम्नवत सुनिश्चित किया जायेगा

क्र0सं0 सत्यापन अधिकारी सत्यापन प्रतिशत
1 योजना प्रभारी 100 प्रतिशत
2 वरिष्ठ उद्यान निरीक्षक 50 प्रतिशत
3 जिला उद्यान अधिकारी 25 प्रतिशत
4 उप निदेशक उद्यान 10 प्रतिशत

योजना का अनुश्रवण

राज्य स्तर पर निदेशक, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, उ0प्र0 के मार्ग निर्देशन में योजना के नोडल अधिकारी, निदेशालय उद्यान (मुख्यालय) लखनऊ इस योजना का अनुश्रवण एवं समीक्षा करेंगे तथा प्रत्येक माह संकलित सूचना प्रमुख सचिव उद्यान उत्तर प्रदेश शासन को प्रेषित करेंगे। मण्डल स्तर पर उप निदेशक कार्यक्रमों का क्रियान्वयन एवं समीक्षा करेंगे तथा प्रगति रिपोर्ट मुख्यालय को उपलब्ध करायेंगे।

योेजनान्तर्गत संचालित फल पट्टियों का विकास कर बागवानी विकास कार्यक्रम वर्ष 2017-18 से 2021-22 तक की कार्ययोजना का समय-समय पर आवश्यकतानुसार संशोधन करने के समस्त अधिकार निदेशक, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, उत्तर प्रदेश में निहित होगा।

योजना का लाभ

योजना क्रियान्वयन के फलस्वरूप निम्नवत लाभ प्राप्त होंगे।

  • प्रत्यक्ष रूप से पर्यावरण सुरक्षा प्राप्त होना।
  • पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जनमानस में जागरूकता पैदा करना।
  • पोषक सुरक्षा पर निदान।
  • मृदा स्वास्थय में बढ़ोत्तरी।
  • गुणवत्तायुक्त फल उत्पादन में वृद्धि।
  • अनुत्पादक बागों में कैनोपी मैनेजमेंट/जीर्णोद्धार के फलस्वरूप उत्पादन क्षमता में वृद्धि।
  • अतिरिक्त रोजगार का सृजन।

संलग्नक-1

फलपट्टियों का विकास कर बागवानी विकास की योजना का कार्यक्रमवार व्यय विवरण

क्र0सं0 कार्यक्रम का नाम इकाई लागत (रू0 में) राज्य सहायता (रू0 में) धनराशि की आवश्यकता (लाख रू0 में)  
धनराशि प्रतिशत
2017-18 2018-19 2019-20 2020-21 2021-22 योग  
भौतिक वित्तीय भौतिक वित्तीय भौतिक वित्तीय भौतिक वित्तीय भौतिक वित्तीय भौतिक वित्तीय  
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17
1 क्षेत्र विस्तार  
1.1 आम 25500 12750 50 100 7.65 200 10.20 300 12.75 300 12.75 300 12.75 1200 56.10  
1.2 अमरूद 38340 19750 50 20 2.30 40 3.07 60 3.84 60 3.84 60 3.84 240 16.89  
1.3 आंवला 40008 20004 50 10 1.20 20 1.60 30 2.00 30 2.00 30 2.00 120 8.80  
2 कैनोपी मैनेजमेंट/जीर्णाद्धार 40000 20000 50 200 80.00 200 80.00 200 80.00 200 80.00 200 80.00 1000 400.00  
3 घेरबाड़/फेसिंग (हेक्टे0) 264000 198000 75 150 297.00 150 297.00 150 297.00 150 297.00 150 297.00 750 1485.00  
4 प्लास्टिक क्रेट्स 2130 1598 75 30000 479.40 30000 479.40 30000 479.40 30000 479.40 30000 479.40 150000 2397.00  
5 मैंगो हार्वेस्टर 250 188 75 6500 12.22 6500 12.22 6500 12.22 6500 12.22 6500 12.22 32500 61.10  
6 ग्रेडिंग पैकिंग सेन्टर 400000 300000 75 30 90.00 30 90.00 30 90.00 30 90.00 30 90.00 150 450.00  
7 आई0पी0एम0/ आई0एन0एम0 (हेक्टे0) 5000 3750 75 320 12.00 320 12.00 320 12.00 320 12.00 320 12.00 1600 60.00  
8 पावर स्पेयर (जनरेटर सहित) 25000 18750 75 16 3.00 16 3.00 16 3.00 16 3.00 16 3.00 80 15.00  
9 पावर स्पेयर (बिना जनरेटर) 8640 6480 75 40 2.60 40 2.60 40 2.60 40 2.60 40 2.60 200 13.00  
10 प्रशिक्षण 1000 1000 100 7500 75.00 7500 75.00 7500 75.00 7500 75.00 7500 75.00 37500 375.00  
11 प्रचार-प्रसार  40000 प्रति विकास खण्ड 40000 100 39 15.60 39 15.60 39 15.60 39 15.60 39 15.60 195 78.00  
 
12 गोष्ठी 200000 प्रति गोष्ठी 200000 100 15 60.00 15 60.00 15 60.00 15 60.00 15 60.00 75 300.00

संलग्नक-2

फलपट्टियों का विकास कर बागवानी विकास की योजना का मदवार व्यय विवरण

क्र0सं0 कोड संख्या /मद का नाम वर्षवार धनराशि की आवश्यकता लाख रू0 में
2017&18 2018&19 2019&20 2020&21 2021&22 योग
1 04-यात्रा व्यय 5.00 5.00 5.00 5.00 5.00 25.00
2 08-कार्यालय व्यय 2.00 2.00 2.00 2.00 2.00 10.00
3 11-लेखन सामग्री 5.00 5.00 5.00 5.00 5.00 25.00
4 12-कार्यालय फर्नीचर 10.00 10.00 10.00 10.00 10.00 50.00
5 13-टेलीफोन 2.00 2.00 2.00 2.00 2.00 10.00
6 15-मोटर गाड़ियों का अनुरक्षण 5.00 5.00 5.00 5.00 5.00 25.00
7 16-व्यवसायिक तथा विशेष सेवाओं के लिए भुगतान 5.00 5.00 5.00 5.00 5.00 25.00
8 19-विज्ञापन, बिक्री और विज्ञापन व्यय 5.00 5.00 5.00 5.00 5.00 25.00
9 20- राज्य सहायता 987.37 990.69 994.01 994.01 994.01 4960.09
10 26-मशीने और सज्जा/उपकरण एवं संयत्र 7.00 7.00 7.00 7.00 7.00 35.00
11 29-अनुरक्षण 5.00 5.00 5.00 5.00 5.00 25.00
12 42-अन्य व्यय 150.60 150.60 150.60 150.60 150.60 753.00
13 43-सामग्री सम्पूर्ति 2.00 2.00 2.00 3.00 3.00 12.00
14 46-कम्प्यूटर हार्डवेयर/साफ्टवेयर क्रय 2.00 2.00 2.00 1.00 1.00 8.00
15 47-कम्प्यूटर अनुरक्षण/स्टेशनरी 1.89 2.06 2.23 2.23 2.23 10.64
योग 1194.86 1198.35 1201.84 1201.84 1201.84 5998.73

संलग्नक-3

आम बागों में एकीकृत नाशीजीव प्रबन्धन

क्र0सं0 कीट/व्याधि प्रभावी समय आई0पी0एम0 पैकेज प्रति हे0 मात्रा
1 फल मक्खी माह मई से जुलाई मिथाईल यूजीनाल 0.1 प्रतिशत (1.5 मिली/ली0पानी) $ मैलाथियान 0.2 प्रतिशत (2.0 मिली/ली0पानी) का घोल बनाकर 8-10 जगह प्रति है0 के हिसाब से चैडे मुह की शीशी/डिब्बो में भरकर लटकाना चाहिए। मिथाईल यूजीनाल-15-20 मि0ली0 मैलाथियान-25-30 मि0ली0
2 आन्तरिक सड़न मार्च से अपै्रल 6-8 ग्राम बोरेक्स (सुहागा) प्रति ली0 पानी में घोल बनाकर प्रत्येक माह छिड़काव करें। 8 किलो ग्राम
3 दीमक मई से जुलाई मेटाराइजियम 10 ग्राम/पेड़ 1 किलो ग्राम
4 शाखा गॉठ कीट जुलाई से सितम्बर डाइमेथोएट 1.5 मिली0/ली0 या क्यूनालफास 1.5 मिली/ली 15 दिन के अन्तराल पर 2 छिडकाव 5 लीटर
अक्टूबर 2-4 डी रसायन 200 पी0पी0एम0 का घोल 200 ग्राम
5 जला बनाने वाला कीट अगस्त से अक्टूबर पेड़ के जालों को डण्डे से छुडा दें तथा कीड़ों को एकत्र कर नष्ट कर दें। 2.5 ली
अधिक प्रकोप की स्थिति में क्ूयनालफास अक्टूबर नवम्बर में 2 मि0ली0/ली0 पानी में घोलकर छिड़काव करें।
नवम्बर, दिसम्बर नवम्बर, दिसम्बर में गहरी जुताई करें।
6 गुजिया कीट जुलाई से नवम्बर बागों की जुताई करना।  
दिसम्बर 400 गेज की 30 से0मी0 चैड़ी अल्काथीन की पट्टी 1/2 मी0 की ऊँचाई पर तने में लपेट दें सिरों पर गिरीस लगा दें। 6 कि0ग्रा0 पालीथीन 1 ली0 ग्रीस
क्लोरपाइरीफास 15 प्रतिशत चूर्ण 250 ग्राम/पेड़ की दर से 1.25 ली0
जनवरी बेवेरिया बेसियाना का प्रयोग पेड़ के तने के चारों ओर  
यदि गुजिया पेड़ पर चढ़ चुकी हो तो इमिडाक्लोरपिड 1 मि0ली0 प्रति 3 ली0 पानी का घोल का छिड़काव। 1.25 ली0
7 भुनगा कीट जुलाई अगस्त 1-घने बागों की कटाई-छटाई कर साफ सुथरा एवं जल निकास का उचित प्रबन्धन  
जनवरी से फरवरी इमिडाक्लोरपिड 1 मि0ली0 प्रति 3 ली0 पानी 15 दिन के अन्तराल पर 1.25 ली0
5 प्रतिशत नीम शीड कोर्नल एक्सटैªक्ट या निम्बीसीडीन 2 प्रतिशत घोल का छि़काव 1.25 ली0
8 खर्रा रोग (पाउडरी मिल्डयू) फरवरी मार्च घुलनशील गंधक 2 ग्राम/ली0 पानी में फरवरी प्रथम पक्ष में 4:00 कि0 घू0गंधक
ट्राइडोमार्फ (कैलेक्सीन) फरवरी द्वितीय पक्ष से दो छिड़काव 15 दिन के अन्तराल पर 1 मि0ली0 प्रति ली0 की दर से 1.0 ली0
9 एन्थ्रक्नोज सितम्बर कारबेन्डाजिम (बावस्टिन) 1 ग्राम प्रति ली0 पानी में अथवा 1.0 कि0ग्रा0
कापर आक्सीक्लोराइड (3 ग्राम प्रति ली0 पानी में) 2.5 से 3 कि0ग्रा0

संलग्नक-4

अमरूद बागों में एकीकृत नाशीजीव प्रबन्धन

क्र0सं0 कीट/व्याधि प्रभावी समय आई0पी0एम0 पैकेज प्रति हे0 मात्रा
1 फल मक्खी  अप्रैल - जुलाई मिथाईल यूजीनाल 0.1 प्रतिशत $ मैलाथियान 0.2 प्रतिशत (10 टैªप 1 हेक्टेयर उद्यान हेतु। फल मक्खी से ग्रस्त गिरे हुए फलों को एकत्र कर नष्ट कर दें। कार्बरिल 0.2 प्रतिशत $ प्रोटीन हाइड्रोजाइलेट 0.1 प्रतिशत या शीरा का छि़काव (प्रियोवी स्टेज पर)। कार्बरिल 0.1 प्रतिशत या फैन्थोएट 0.05 प्रतिशत या फोसालोन 0.01 प्रतिशत का छि़काव। 10 ट्रैप
2 छाल खाने वाला कीट नवम्बर  इनके द्वारा बनाये गये जालों को हटाने के बाद सभी छिद्रों को चिकनी मिट्टी से बन्द कर दें तथा ताजे छिद्रों में 0.5 प्रतिशत या डाईक्लोरोवास डार कर बन्द कर दें।  
3 उकठा रोग मार्च रोग को लगने पर पेड़ को उखाड़ कर नष्ट कर दें। एस्परजिलस नाइजर/ट्राइकोडर्मा गोबर के साथ मिलाकर थालों में प्रयोग करें। 4-5 किलो ग्राम
4 एन्थ्रक्नोज फ्रूट राट सितम्बर कापर आक्सी क्लोराइड 0.3 प्रतिशत अथवा कार्बन्डाजिम 0.1 प्रतिशत घोल का छि़काव।   3.50 कि0ग्रा0

संलग्नक 4-(ब)

आंवला बागों में एकीकृृत नाशीजीव प्रबन्धन

क्र0सं0 कीट/व्याधि प्रभावी समय आई0पी0एम0 पैकेज प्रति हे0 मात्रा
1 शूट गाल कीट अक्टूबर नवम्बर  प्रभावित शाखाओं को काट कर जलायें।    
2 छाल खाने वाला कीट सितम्बर एस्पर्जिलस कान्डीडुस फंगस से उपचार
नीम सीड कर्नल एक्सट्रेट (छैज्ञम्) 5 प्रतिशत
इसके द्वारा बनाये गये जालों को हटाने के बाद सभी छिद्रों को गीली मिट्टी से बन्द कर दें तथा ताजे छिद्रों में 0.5 प्रतिशत डाईक्लोरोवास डालकर बन्द कर दें।
  120 कु0
3 रस्ट सितम्बर-अक्टूबर इन्डोफिल एम0-45, 0.2 प्रतिशत घोल का छिड़काव
बोरेक्स 0.5-0.6 प्रतिशत घोल का छिड़काव
जिंक सल्फेट 0.4 प्रतिशत, कापर सल्फेट 0.4 प्रतिशत और बोरेक्स 0.47 प्रतिशत घोल का एक साथ छिड़काव प्रभावशाली पाया गया है। 
50 किग्रा0
क्र0सं0 जनपद चयनित विकास खण्डों की संख्या चयनित विकास खण्ड
1 2 3 4
1 सहारनपुर 1 सधौली कदीम, बेहट
2 मेरठ 1 माछरा (शाहजहाँपुर)
3 बागपत 3 जानी, पिलाना, खेकड़ा
4 बुलन्दशहर 2 स्याना, ऊँचागॉव
5 अमरोहा 4 1-अमरोहा, जोया,
2-गजरौला, हसनपुर
6 प्रतापगढ 2 कुण्डा, कालाकांकर
7 वाराणसी 1 चिरईगॉव
8 लखनऊ 4 1-माल, मलिहाबाद, काकोरी
2-बक्शी का तालाब
9 उन्नाव 5 हसनगंज, मियांगंज, औरास, सफीपुर, फतेहपुर
10 सीतापुर 2 1-महमूदाबाद
2-खैराबाद
11 हरदोई 1 शाहाबाद
12 फैजाबाद 3 1-मसौधा, सोहावल
2- माया बाजार
13 बाराबंकी 2 देवा, बंकी
अमरूद-
1 कौशाम्बी 2 चायल, मूरतगंज
2 बदायूँ 4 म्याऊ, जगत, उसावां, कादरचैक
आंवला-
1 प्रतापगढ. 2 सदर, मगरौरा