अनुसूचित जाति/जनजाति कृषकों हेतु औद्यानिक विकास (राज्य सेक्टर) दिशा निर्देश 2018-19

योजना का नाम:-

वित्तीय वर्ष 2019-20 में अनुसूचित जाति/जनजाति कृषकों हेतु औद्यानिक विकास कार्यक्रम (राज्य सेक्टर) के क्रियान्वयन हेतु दिशा-निर्देश

प्रस्तावना:

प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों की जलवायु एवं प्राकृतिक परिस्थितियाँ भिन्न होने के कारण जहाँ एक ओर विविध फलों, सब्जियों, पुष्प तथा मसालों आदि के सघन क्षेत्र विकसित किये जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रदेश में लघु एवं सीमान्त कोटि के कृषकों की संख्या में वृद्धि हो रही है, जिनमें अनुसूचित जाति/जनजाति के कृषक भी सम्मिलित हैं। अनुसूचित जाति/जनजाति कृषकों को नकदी औद्यानिक फसलें, यथा-संकर शाकभाजी, मसाले तथा पुष्पोत्पादन हेतु प्रोत्साहित किये जाने पर जहाँ उनकी लागत, व्यय एवं श्रम का अधिकाधिक लाभ प्राप्त होगा, वहीं उन्हें वर्ष भर निरन्तर आय मिलती रहेगी, जिसके फलस्वरूप उनके जीवन स्तर में वृद्धि होगी।

प्रदेश में संचालित विभिन्न औद्यानिक विकास कार्यक्रमों के अन्तर्गत क्षेत्र विस्तार, सेमीनार/गोष्ठी आदि के माध्यम से कृषकों को नवीन औद्यानिक तकनीकियों यथा-ग्रीन हाउस, शेडनेट हाउस, ग्रेडिंग/पैकिंग शेड्स, ड्रिप/स्प्रिंकलर सिंचाई आदि तथा उच्च गुणवत्ता युक्त बीज एवं पौध रोपण सामग्री, नवीन विकसित कृषि संयत्रों, एकीकृत नाशीजीव प्रबन्धन (आई0पी0एम0) मार्केटिंग आदि के सम्बंध में जानकारी प्रदान की जा रही है। इसी प्रकार कृषक प्रक्षेत्रों, राजकीय प्रक्षेत्रों पर उच्च गुणवत्ता युक्त बीज एवं पौध रोपण सामग्री उत्पादित कर कृषकों को उपलब्ध कराई जा रही है।

योजना के मुख्य उद्देश्य:

  • अनुसूचित जाति/जनजाति कृषकों में औद्यानिक विकास कार्यक्र्रमों के प्रति जागरूकता पैदा कर उत्पादन के अवसर उपलब्ध करना।
  • कृषकों को औद्यानिक नकदी फसलों के उत्पादन हेतु प्रेरित करना।
  • कृषकों को शाकभाजी, मसाला एवं पुष्प क्षेत्र विस्तार/उत्पादन कर आय में वृद्धि करना।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में औद्यानिक तकनीकी सम्बन्धी परामर्श/सलाह सुलभ कराना।
  • अनुपूरक उद्यम के रूप में मौनपालन कार्यक्रम से भिज्ञ करना और व्यावसायिक उत्पादन के प्रति प्रोत्साहित करना।
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1. अनुसूचित जाति/जनजाति कृषकों हेतु औद्यानिक विकास (राज्य सेक्टर) दिशा निर्देश 2018-19 | साइज: 248 KB | भाषा: हिंदी | अपलोडिंग दिनांक: -30/11/2017 डाउनलोड